काश मे फिरसे डेढ़ फुटिया हो जाऊ... !!!

*काश मे फिरसे डेढ़ फुटिया हो जाऊ:-

काश मे फिरसे डेढ़ फुटिया हो जाऊ... !!!



काश मे फिर से डेढ़ फुटिया हो जाऊ,
पापा के कंधे से पूरी दुनिया का चक्कर लगाऊ, 
माँ के सीने से लग के अपनी भूख मिटाऊ, 
काश मे फिरसे डेढ़ फुटिया हो जाऊ !!!
मेरे हाथो को माँ थामे में गिर के फिर खड़ा हो जाऊ, 
शाम को दफ़्तर से आते बाबा को देख के ही ख़ुश हो जाऊ, 
काश मे फिरसे डेढ़ फुटिया हो जाऊ !!!
वो माँ के आँचल मे धप्पा का खेल में, में फिर से खो जाऊ (2)
अलमारी में कही छुप के फिर से सब को सातऊ, 
काश मे फिरसे डेढ़ फुटिया हो जाऊ !!!
दीदी के किताबें फाडू, माँ का सामान बिखेरू, 
फिर कही किसी कोने में डर के बैठ के मासूम सी सकल बना के मुस्कुराऊ, 
काश मे फिरसे डेढ़ फुटिया हो जाऊ !!!
नन्हे-नन्हे पेरो से दीदी के पीछे-पीछे जाऊ, 
फिर उन छोटी सी उंगलियों से उसके बालो को बिखेरू, 
वो गले लगा ले मुझको में सबसे अमीर हो जाऊ, 
काश मे फिरसे डेढ़ फुटिया हो जाऊ !!!
माँ की गोद में चढ़कर पूरी दुनिया को आंख दिखाऊ(2), 
अपने कच्ची कहानियो का हीरो में पापा को बताऊ, 
काश मे फिरसे डेढ़ फुटिया हो जाऊ !!!
घर के आँगन तक हो दुनियां मेरी, 
और माँ से लोरी सुन पापा के सीने से लग जाऊ, 
काश मे फिरसे डेढ़ फुटिया हो जाऊ !!!
और अगर ये बस में नहीं है तेरे ऐ ऊपर वाले (2), 
तो बस इतना रहम कर में अपनी माँ के खुशी, 
पापा का चेन हो जाऊ, 
 और वो बड़ी बहन जब -जब याद करें मुझे, 
उसके चेहरे की वही पुरानी मासूम से मुस्कान😃 हो जाऊ, 
काश मे फिरसे डेढ़ फुटिया हो जाऊ !!!!

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धन्यवाद !

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