एक लड़की है जो मुझे मुझसे ज्यादा चाहती है

 *एक लड़की है जो मुझे मुझसे ज्यादा चाहती है:-


एक लड़की है जो मुझे मुझसे ज्यादा चाहती है




कागज पर पड़े अधूरे अल्फाजों को पूरा कर जाती है। 
एक लड़की है जो मुझे मेरे से ज्यादा चाहती है। 
थोड़ा सा बुद्धू थोड़ा सा शायराना है ,
मेरी सुरमयी आँखों पर उसका दिल दीवाना है। 
मसरूफ है सब शहर के भागमभाग में ,
पर वो थम जाती है , किसी टपरी के छाव में 
उसकी कहानी की कस्ती को किनारो तक लाता हूँ। 
उसकी खाव्बों की दुनियाँ में एक आशियाँ में भी बनता हूँ। 
वो नहीं कहती पर में उसकी हर ख्वाब जानता हूँ ,
उसकी मुखोटे के पीछे की रूह को अच्छी तरह से पहचानता हूँ। 
पर ये सारी बातें कहने से न जाने क्यों मेरा मन कतराता है ,
एक लड़की है जो मुझे , मुझसे ज्यादा चाहती है।  
मेरी सारी बातों को बड़े इम्तहान से सुनती है ,
अगर में खफ़ा हूँ , तो हाँ मुझे मनाती है। 
में परेशान हु तो परेशान वो भी हो जाती है। 
अगर में चुप हु , तो मेरा सर वो सहलाती है ,
मेरे मन में चल रही हर उलझनों को वो सुलझाती है। 
मेरे हर अधूरे ख्वाब को मुक्कमल वो करती है ,
मेरे माथे की सिलवट को अपने होठो से सहलाती है। 
फिर मेरे दिल का हाल जान उसके दिल को करार आता है ,
और हाँ एक लड़की  है ,
जो मुझे मेरे से ज्यादा चाहती है। 

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