तेरी तस्वीर से भी में अब सवाल पूछता हूँ

 तेरी तस्वीर से भी में अब सवाल पूछता हूँ:-

तेरी तस्वीर से भी में अब सवाल पूछता हूँ




तेरी तस्वीर से भी में अब सवाल पूछता हूँ,
मत पूछ पगली किस-किस से अब तेरा हाल पूछता हु। 
दर्द तो है दिलं में पर अब इसका एहसास नहीं होता ,
रोता है दिल जब वो पास नहीं होती। 
अरे कैसी मोहब्बत है ये तेरी ,
महफ़िल में मिले तो अनजान कह दिया ,
और जब अकेले में मिलें तो जान कह दिया। 
मोहब्बत तो दिल से ही की थी मैंने ,
दिमाग तो उसने लगा लिया ,
दिल भी तोड़ा उसने मेरा और इल्जाम भी मुझपर ही लगा दिया। 
अच्छा चल अब तुमको छोड़कर जाना ही है तो जाओ ,
पर कोई हमारे तरह तुम्हे चाहे तो बता देना ,
कोई हमारे तरह सताए तो भी बता देना। 
मोहब्बत तो कोई भी कर लेगा तुमसे मेरी जान ,
अगर कोई हमारी तरह निभाए तो बता देना। 


अब जाते -जाते ये भी सुनो मेरी जान :-

जहाँ प्यार मोहब्बत की कोई जगह न हो अब में उस दुनियां में जा बसूँगा ,
और हाँ अगर उसका मेसेज आ भी गया न यारो तो REPLY में नहीं दूंगा। 
हर बार उसको माफ़ कर दे इतनी हिम्मत नहीं है इस दीवाने में ,
कह देना उसे उसका प्यार का पौधा सुख गया उसने देर कर दी आने में। 
उसे भी पछतावा हो मुझे खोने का ,
में खुद को इस क़ाबिल कर लूंगा।
 और अब उसका मैसेज आ भी गया न यारो तो REPLY में नहीं करूँगा। 

Post a Comment

0 Comments