पापा की नसीहते :-पापा ये कहते है ,पापा वो कहते है।

 पापा की नसीहते :-पापा ये कहते है ,पापा वो कहते है

पापा की नसीहते :-पापा ये कहते है ,पापा वो कहते है।





रात की धड़कन जब तक जारी रहती है ,सोते नहीं हे हम क्योकि हमारे कंधो में सारी घर की जिम्मेदारी रहती है। 


हर रोज जाने कितनी सारी नसीहत देते है ,
पापा ये कहते है,पापा वो कहते है।
वो कहते  है की जो हम बोलते है वो कायदे से सुना करो ,
हम तुम्हारे बाप है बेटे ,
तुम हमारे बराबरी न किया करो। 
और फिर जितनी दफा न पढ़ने के लिए हम लड़ते थे ,
पापा कहते है जानते हो हम कितने मुश्किल से पढ़ते थे ?
हँस कर बात करना कभी अपने सपनो के बारे में न सोचकर ,
अपनी पुरानी स्कूटर से बेइंतहा मोहब्बत करना ,
और पूछने पर बस इतना कहना की जब दुनियाँ तुम्हे उलझाएगी ,
जिस दिन तुम पापा बनोगे न बेटा उस दिन तुम्हे समझ आएगी। 
आज भी याद है  मेरी तोहफे में  नई टी-सर्ट और उनकी मैली सर्ट ,
अपनी दवाई न लेकर जो लाते थे वो समोसे की थैली ,
कुछ याद है ?
जब भी कोई पल मुझे जिंदगी में मुस्किलो के नजदीक लाते ,
चट्टान की तरह मेरी हर मुस्किलो में पापा खड़े हो जाते। 
अब समझ आता है की उनका दिल उनके मिजाज की तरह सख्त नहीं है ,
बस हमे सब कुछ सीखने के लिए उन्हें सख्त बनना पड़ता है। 
कितना भी कोशिश कर लो पर वो अपने दिल के राज न खोलेंगे ,
दुनियाँ भले तारीफ करें पर पापा कुछ न बोलेंगे। 
बस याद रह जायगी ये बातें की चुप रहकर वो कितना कुछ सहते थे ,
और अपने बच्चो को सुनाओगे किस्से ये पापा के ,
पापा ये कहते है ,पापा वो कहते है ,पापा तुम कितना कुछ कहते थे। 




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