किसी की झूठ की वजह से हम सो नहीं पा रहे है , कोई संभाल नहीं पाएगा इस डर से हम रो भी नहीं पा रहे है।

 *किसी की झूठ की वजह से हम सो नहीं पा रहे है , कोई संभाल नहीं पाएगा इस डर से हम रो भी नहीं पा रहे है:-

किसी की झूठ की वजह से हम सो नहीं पा रहे है , कोई संभाल नहीं पाएगा इस डर से रो नहीं पा रहे है।


किसी की झूठ की वजह से हम सो नहीं पा रहे है ,
 कोई संभाल नहीं पाएगा इस डर से हम रो भी नहीं पा रहे है।
और इतंजार में है बुला रहे है कब से ,
एक मौत नहीं आ रही है और एक वो नहीं आ रही है। 
और बता मत उसे ,जता मत उसे ,इजहार मत कर ,बस प्यार कर ,
अगर इश्क़ सच्चा है तेरा वो तुझे खुद मिल  जायगी बस सब्र कर थोड़ा इंतजार कर। 
मोहब्बत में हमने क्या खूब सजा पायी है ,
यारी फूलों से नहीं काँटों से निभाई है हमने। 
और गले से उतारा है हर बार उस जाम को,
जिसकी हर एक बून्द इन आँखों से छलक कर होंठो तक आई है। 
और किसी की झूठ की वजह से हम सो नहीं पा रहे है , 
कोई संभाल नहीं पाएगा इस डर से हम रो भी नहीं पा रहे है। 
बेवफा  तू ही नहीं में भी हो गया हूँ अब तो ,
क्योकि अब तेरी बातों से नहीं खुद के जजबातो से प्यार करने लगा हूँ। 
फर्क बस इतना है की तूने चाहा किसी और को,
और में जुगनू  तरह इन रातों से प्यार करने लगा हूँ। 
स्याही  का एक-एक कतरा शायरी बनकर कागजों पर बिखर जाता है ,
माना लिखावट ख़राब है मेरी पर कुछ लोग कहते है आपका लिखा हुआ दिल में उतर जाता है। 
यार नहीं था इश्क़ मुझसे तो बता देती पर ये किस अकेलेपन के मंजर में धकेल गई ,
मेरी आँखे थक गई है इंतजार करते -करते तुम्हे और एक तू है ,
की मेरे दिल के साथ -साथ जजबातो के साथ भी खेल गई। 
और किसी की झूठ की वजह से हम सो नहीं पा रहे है ,
 कोई संभाल नहीं पाएगा इस डर से हम रो भी नहीं पा रहे है। 
अब अगर मंजिल में नहीं तू मेरी तो रास्ता बदल और मुड़ जा कही ,
चल आजादी का ख्वाब तेरा पूरा किया,
बन के ये आसमां चल फैला पंख और उड़ जा कही। 
जान -जान कहते थे ज़माने  भर में जिसको उसी की बदौलत जान पर बन आई है ,
और जान किसकी जायगी ये तो वक्त ही बताएगा ,
क्योकि वो भी यही कहती है की इश्क़ में सजा उसने भी बराबर पाई है। 
बेइंतहा मोहब्बत की बातें मुझे डर तक ले आती है ,
तेरी यादें मेरे जिस्म को खींचकर हसर तक ले आती है। 
और तुझसे कितनी बार कहा है न  तेज हवाओं में यूँ मत जाया कर बाहर ,
कमबख्त ये हवाए भी तेरी खुशबु को संजोकर मेरे घर तक ले आती है। 
और किसी की झूठ की वजह से हम सो नहीं पा रहे है ,
 कोई संभाल नहीं पाएगा इस डर से हम रो भी नहीं पा रहे है। 
 
 


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