अगर तुम खाव्ब होती तो भुला देता तुम्हे

 *अगर तुम खाव्ब होती तो भुला देता तुम्हे:-

अगर तुम खाव्ब होती तो भुला देता तुम्हे।


अगर तुम खाव्ब होती तो भुला देता तुम्हे ,
पर तुम हकीकत हो तुमको भुलाऊ तो भुलाऊ कैसे ?
पास आना तुम्हारा अब मुमकिन नहीं है ,
पर तुमसे दूर जाऊ तो जाऊ कैसे ?
खूबसूरत से पलों के वो कुछ खूबसूरत सी यादें है ,
आज भी मुँहजबानी याद सारी बातें है। 
मेरे कंधो पे वो तेरा सर को झुका लेना ,
मेरी बातों से तेरा होले से मुस्कुरा देना ,
वो जो किये थे हमने हजारो वादें ,
जो गुजारी थी साथ कई जागती रातें ,
हर-पल कैद है जहन में जैसे कल  ही की बात है ,
मेरे हाथो में जैसे आज भी तेरी हाथ है। 
पर जो फासलें है दरमियां हमारे अब मिटाऊ तो मिटाऊ कैसे ,
मजबूरियां में अपनी तुझे गिनाऊ कैसे ,
और पास आना तुम्हारी अब मुमकिन तो नहीं है ,
पर तुमसे दूर जाऊ तो जाऊ कैसे। 
एक अरसा हुआ तुमसे बिछड़े हुए ,
हाँ जानता हु में अब हम साथ नहीं ,
बहुत बढ़ चुकि है दूरियां की पहले से वो हालात नहीं। 
खो गई है वो मोहब्बत कही तुमसे दूर जाने की जिद में ,
पर तुम्हे एक झलक देख लेने की आस अब भी बाकि है दिल में। 
वक्त बदला , रिश्ते बदले और अब ये जिंदगी बदल गई ,
मुझे तुमसे बेहतर और तुम्हे मुझसे हैंडसम कोई मिल गया ,
पर जब भी बात होती है कही सुकूने-ऐ-रूह की तो ,
ख्याल बन के चुपके से चली आती हो तुम ,
अब तुम ही कहो इन आसुओं को पलकों में अब छुपाऊ तो छुपाऊ कैसे ,
बेबसी दिल की में तुझे देखाऊ तो दिखाऊं कैसे ,
और पता है अब पास आना तुम्हारा मुमकिन नहीं है ,
पर तमसे दूर जाऊ तो जाऊ कैसे। 
बातें बहुत है तुमसे करने के लिए ,
जिंदगी में खलती अब भी तुम्हारी ही कमी है ,
यु तो बढ़ चूका हु बहुत आगे मगर इन आखों में रहती आज भी तुम्हारी ही नमी है। 
नादान है दिल की समझता नहीं है ,
खो गया है जो सुकून वो अब ढूढे से कही मिलता नहीं है। 
तेरे नाम से दिल में हलचल सी हो जाती है ,
मानो इन सांसो को तुझपर आज भी एतबार कही है। 
अब तुम ही कहो इन सांसो से तेरी इन खुसबू को मिटाऊ  तो मिटाऊ कैसे ,
अब तेरी इन यादों से अपना दामन में छुड़ाऊं तो छुड़ाऊं कैसे ,
और अगर तुम खाव्ब होती तो भुला देता तुम्हे ,
पर तुम तो हकीकत हो मेरी जान ,
अब तुमको भुलाऊ तो भुलाऊ कैसे। 

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