कोई पूछे मेरे बारे में तो तुम क्या बताती हो ?

 *कोई पूछे मेरे बारे में तो तुम क्या बताती हो :-

कोई पूछे मेरे बारे में तो तुम क्या बताती हो?


एक पलड़े में तू और एक में बाकि सारे तोल दिए ,
मैने गलती ये कर दी की अपने सारे पत्ते खोल दिए। 
बात हुई थी आँखों से आँखों में रूहें मिलने की ,
तूने फिर क्यों राज रखे जब मेने सारा कुछ बोल दिए। 
सुनो अब तो तुम खुश हो ना ?
सुनो तुम सो तो जाती हो ना ?
पर एक बात पूछे तुम्हे और कोई काम नहीं है जो मेरे सपनो में आ जाती हो। 
वो जो तुम्हारी लिखी गजले थी अब किसको सुनाती हो ?
की में अब सो नहीं पाता तुम किसको सुलाती हो ?
और सुना  है खूबसूरत और ज्यादा हो गई हो तुम। 
ये नूर-ऐ-हुस्न के पीछे यु अपने गम को क्यों छुपाती हो ?
क्या अब भी माँ के साथ बैठा के करती हो मेरी बातें बताती हो ?
क्या अब भी देखती हो चाँद को छत पे जाती हो ?
क्या अब भी धुप से बचती हो तुम चेहरे को छुपाती हो ?
क्या अब भी होती हो बीमार जब बाहर का खाती हो ?
क्या अब भी तुम हर दिवाली घर में रंगोली बनाती हो ?
की तुम होली पर किसके लिए खुद को बचाती हो ?
मुझे तुम कोशिशों में भूलने की याद आती हो। 
क्या तुम भी दिल की मनमर्जी के आगे हार जाती हो ?
और जब कोई पूछे मेरे बारे में तो फिर क्या बताती हो ?
है मेरा नाम क्या राजा या जैसे तुम बुलाती हो ?
और अपना याद है वो नाम जो मैंने रखा था ?
अगर कोई गलती से भी बोले मेरा नाम तो क्या तुम भी चौक जाती हो ?
कोई पूछे मेरे बारे में तो तुम क्या बताती हो ?
कहानी बताती हो पूरी या बस चुप हो जाती हो ?
जो निभा न पाई वो आखरी वादा क्या वो बताती हो ?
और क्या अब भी तुम मुझको हिस्सा अपना आधा बताती हो ?
सुनो ना अब तो खुश हो न तुम ,
सुनो ना सो तो जाती हो पर क्या तुम्हे कोई और काम नहीं है जो मेरे सपनों में आ जाती हो ?
और एक बात तुम मेरी सुनती जाओ मेरी जान ,
सुनो अगर नींद न आए तो आँखे बंद कर लेना ,
और अगर वो भी न हो पाए तो सांसे थोड़ा मंद कर लेना ,
फिर तुम 100 तक गिनती कह जाना ,
और ज़रा सा दूर रह जाना , जो होगा दर्द सह जाना ,
न बहकावें में बह जाना की अब मेरे पास तो बिलकुल मत आना ,
अब तो तुमसे दूरियां ही ठीक है मेरी जान ,
हर-बार मेरे पास आती हो फिर बहुत रुलाती हो जब तुम दूर चली जाती हो ,
हर-बार मेरे पास आती हो फिर बहुत रुलाती हो जब तुम दूर चली जाती हो। 😭😭😭😭😭😭


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