कुछ बातें है जो बेकार है , लेकिन तुझे बताना जरुरी है।

 

 कुछ बातें है जो बेकार है , लेकिन तुझे बताना जरुरी है:-

कुछ बातें है जो बेकार है , लेकिन तुझे बताना जरुरी है।


आज मेरा दिल जख्मी है लेकिन सांसो में मगरूरी है ,
ये कुछ बातें है जो बेकार है , लेकिन तुझे बताना जरुरी है।
आज तूने नहीं पूछा हाल मेरा लेकिन तबीयत मेरी अच्छी है ,
मुस्कान जरा झूठी जरूर है लेकिन ये बातें बिलकुल सच्ची है। 
आज तूने नहीं पूछा फिर भी मैंने खाना खाया है ,
आज सुबह तुने Call नहीं किया तो मेरी माँ ने मुझे जगाया है। 
सुक्रिया तेरा की आज राजा बेटा हुआ हूँ फिर से ,
इन बाबू ,जानू ,सोनाओं से दुरी है ,
ये कुछ बातें है जो बेकार है , लेकिन तुझे बताना जरुरी है।
आज बड़े दिनों बाद Whatsapp पे DP खुद की लगाई है ,
क्या बताऊ तेरी सारी फोटो Delete करके क्या गजब की नींद आई है। 
आज तेरे होने या न होने का कोई असर नहीं होता ,
आज जा तू 24 घंटे Online रह ले मुझे फर्क नहीं पड़ता है। 
अरे बहोत गुजारिश कर ली तुझसे अब सख्ती अपनी भी पूरी है ,
ये कुछ बातें है जो बेकार है , लेकिन तुझे बताना जरुरी है।
आज तुझसे नहीं मिला में लेकिन मुलाकात खुद से हो गयी है ,
तेरे बिना जी नहीं सकता ये गलतफहमी दूर हो गई है। 
आज उन पुराने Conversations को मेने फिर से नहीं टटोला है ,
अब तू ही पढ़ उनको की फक्र होगा तुझे की तूने कितनी खूबसूरती से झूठ बोला है। 
अरे आज तन्हा हूँ तो क्या हुआ अब इस तन्हाई से यारी है ,
और ये कुछ बातें है जो बेकार है , लेकिन तुझे बताना जरुरी है।
हाँ फोन से लेकर जहन तक हर जगह से तुझे  निकला है ,
रिहा सा हो गया हूँ जब से तेरा नंबर Delete कर डाला है। 
में डरता था जिस कल से उसकी आँखों में आंखे डाल देख आया हूँ,
और तेरे दिए हुए उन खतों को ,उन फूलों को खुसबू समेत फेक आया हूँ। 
आज तो जैसे जित गया हूँ, वरना तू ही बता की  सच्चे आशिक ने भी कभी कोई बाजी हारी है ?
ये कुछ बातें है जो बेकार है , लेकिन तुझे बताना जरुरी है।
आज तेरे घर के आगे आगे से नहीं निकला लेकिन बहुत दूर तक जा पहुँचा हूँ ,
फिरता था कभी गली-गली अब तो आसमानो में उड़ता हूँ। 
मायूसी थी छायी जहां पर आज मुस्कान वहाँ पर फिर से लौटकर आयी है। 
देख पलके भी कितनी खुश है,
आज मुद्दतों बाद गलो से जो टकराई है। 
देख आज में अकेला हूँ और पूरा हूँ और तू किसी और के साथ हो के भी अधूरी है। 
ये कुछ बातें है जो बेकार है , लेकिन तुझे बताना जरुरी है।
आज उठा हूँ बिस्तर से और आइने में सक्ल खुद की देख डाली है ,
बाल बिखरे है ,ढाढी बड़ी है और आँखें जरा सी काली है। 
आज तो जैसे आँखों का पानी खत्म सा हो गया है ,
टूट के जो जुड़ा है दिल नया जन्म सा हो गया है। 
आज सूफ़ियत है रुख पे आँखों में अजब सी नूरी है ,
ये कुछ बातें है जो बेकार है , लेकिन तुझे बताना जरुरी है।


Post a Comment

0 Comments