तुम्हारे बिना में जी ना सकू तुम मेरे लिए इतने भी जरुरी नहीं हो

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*तुम्हारे बिना में जी ना सकू तुम मेरे लिए इतने भी जरुरी नहीं हो:-

तुम्हारे बिना में जी ना सकू तुम मेरे लिए इतने भी जरुरी नहीं हो


तुमसे बस इश्क़ है मुझे तुम मेरी मज़बूरी नहीं हो ,
और तुम्हे क्या लगा में तुम्हारे बिना जी नहीं सकूंगाँ ,
तो जा ना तुम मेरे लिए इतने भी जरुरी नहीं हो। 
में तुम्हारे रूह पे मरता हूँ ,
तुम तो सिर्फ पैसो के कदरदान नजर आती हो ,
और सोचती हो दिल तोड़ कर खुश रह लोगी ,
तो जा ना तुम कितने नादान नजर आती हो। 
सारा शहर वाकिफ है मेरे इश्क़ से ,
एकलौते जाना तुम ही कितनी अनजान नजर आती हो ,
किसी को तुम महज पत्थर सी लगती हो ,
तो किसी को तुम भगवान नजर आती हो। 
और एक काम करो आयना तो तुम्हारे घर में भी होगा ही ,
जरा खुद को देखकर बताओ ना ,
क्या तुम सच में इंसान नजर आती हो ?
और रूह से कोई वास्ता नहीं है तुम्हारा ,
बस तुम पैसो  लिए परेशान नजर आती हो। 
जरा ठहरने का ईरादा कर लो ,
इस दिल को जाना तुम बस मेहमान नजर आती हो ,
और मेरे हिस्से का वक्त भी तुम गेरो पर लुटाती हो ,
गैरो पर तो जाना तुम कितने मेहरबान नजर आती हो ,
ये दिल भरोसा करें भी तो कैसे तुमपर ,
इस दिल को जाना अब तुम सिर्फ बईमान नजर आती हो। 
तुम सायद पहली मोहब्बत हो मेरी ,
बस इसीलिए जाना तुम अभी तक मेरी जान नजर आती हो ,
और में तो तुम्हारे रूह पे मरता हूँ ,
तुम तो सिर्फ पैसो की कदरदान नजर आती हो ,
और सोचती हो दिल तोड़ कर खुश रह लोगी ,
तो जा ना तुम कितनी नादान नजर आती हो। 
अब बंद पिंजरे से इन पंक्षीयों को रिहा कर दो ,
मुझे भी खुद से अब तुम जुदा कर दो ,
और कभी धड़के जो तुम्हारा दिल मेरे नाम से ,
तो अब उन धड़कनो को भी अनसुना कर दो। 
और सुनो तुमसे बस इश्क़ है मुझे तुम मेरी मज़बूरी नहीं हो ,
और तुम्हे क्या लगा में तुम्हारे बिना जी नहीं सकूंगाँ ,
तो जा ना तुम मेरे लिए इतने भी जरुरी नहीं हो। 

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