मोहब्बत में आज तक किसको इंसाफ मिला है।

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*मोहब्बत में आज तक किसको इंसाफ मिला हैै:-

मोहब्बत में आज तक किसको इंसाफ मिला है।

दर्द,जख्म,चीख,आंसू,प्यार ये सब आएगा,
 मेरी जान मेरे बाद तुमको मोहब्बत का अदब आएगा,
जब उसको समझ आएगी उसकी असल जरूरत कोन है,
तबतक बड़ी देर हो जायेगी,
पर एक जरा सी खुशी ये है कि वो लौटकर आएगी,
और ढेर सारा सितम ये है कि वो बड़ी देर से आएगी।
आइने को आंख में चुभता हुआ छोड़ दूं,
मेरी जान में तुझको रोता हुआ छोड़ दूं,
हाय मेरे सामने क्या-क्या न था,
पर शर्त ये थी कि में तुझको रोता हुआ कैसे छोड़ दूं।
लेकिन हर बार ही झूठ तो नही कह सकते,
हर सक्स को तो अपना नही कह सकते,
और तेरे चाहने वाले तेरी हकीकत जानते हैं,
मगर अब तुझको ही बुरा तो नही कह सकते।
और में मोहब्बत को हकीकत में बयां करके बड़ा रोया,
मेरी जान में खुद को तेरा करके बड़ा रोया,
में पहले रोया तेरे गले लगने को,
फिर तेरे गले लग के बड़ा रोया।
इससे भी बुरा अब क्या हो?
में उसको मान बैठा हूं खुदा अब क्या हो?
और मैने तो यूं ही गुस्से में कह दिया था,
चले जाओ मेरी जिंदगी से,
यार उसने तो कर लिया है फैसला अब क्या हो?
बस अब आगे कुछ न कहो मुझे पता है,
तुमको मुझसे नही है मोहब्बत मुझे पता है,
और कह तो मेने भी दिया जाओ मुझे फर्क नहीं पड़ता,
मगर क्या है हकीकत मुझे पता है।
तुम्हे दिल में रखकर तुम्हे भुलाना हमारे कहा बस की थी,
तुम्हे अपना बनाना हमारे कहा बस की थी,
तुम्हारी ख्वाइस में तुम्हारे घर तक तो आ गए,
अब खुदा के घर तक जाना हमारे कहा बस की थी,
और मोहब्बत में दिल,रूह,जिस्म,जान सब लगा दिए,
अब मोहब्बत में दिमाग लगाना हमारे कहा बस की थी,
एक हम थे की तुमको अपना खुदा मानते थे,
अब खुदा के जिस्म को हाथ लगाना हमारे कहा बस की थी।
आंखे नम दिल टूटा मिला है,
मत पूछो उसका शरीर किस हालत में मिला है,
ये जो वफा की दुआएं करते है खुदा से लोग,
मोहब्बत में आज तक किसको इंसाफ मिला है।
और वो जो चुपचाप रहने लगे हैं मेरे कुछ दोस्त अब,
सबको प्यार में धोखा ही मिला है,
यार जो थे वो अपने रहे ही नहीं,
ये तो दुश्मन भी किसी से जा मिला है।

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