वो अच्छे से जानती है मुझे रुलाना कैसे हैं।

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*वो अच्छे से जानती है मुझे रुलाना कैसे हैं:-

वो अच्छे से जानती है मुझे रुलाना कैसे हैं।


कुछ यूं रिस्तो को चलते रहने देता था,
खुद चुप रह कर में उसको कहने देता था,
और उसने मुझे छोड़ा इसलिए क्योंकि,
कोई और था जो उसको महंगे तोफे देता था।
 उसके बाद उसकी तस्वीर को गले से लगा रहे हैं,
अब जो बच गया उसी से काम चला रहे है,
उनकी शादी में इतना मुस्कुराए कि लोगो ने राज पूछा,
तो हमने भी कह दिया की अपना आखरी दिन मना रहे हैं।
अब तो सीने में दिल रखना भूल गए हैं,
या मोहब्बत करना भूल गए हैं,
क्या इश्क में सबके साथ ऐसा होता है?
या सिर्फ हम ही हंसना भूल गए हैं।
चंद अस्को के साथ गुजर गई,
खेर आखरी मुलाकात भी गुजर गई,
में उसे छूना तो चाहता था लेकिन,
उसे देखने में ही पूरी रात गुजर गई।
किसी और को गले लगाना कैसे हैं,
वो अच्छे से जानती है कि मुझे रुलाना कैसे हैं,
और उसे याद करने के तो हजार तरीके जानता हूं पर,
कोई ये तो बता दो की उसे भुलाना कैसे हैं।
आज महफिल में मेरे कोई खास आई हैं,
मुझे सेर कोई पुराना एक याद आई हैं,
और उसे खोने का डर तो हमेशा रहता था मुझे,
क्योंकि वो किसी और को छोड़कर मेरे पास आई थी।
और वो वादे करती गई मेरे साथ सफर करते हुए,
में चलता गया उसकी बातों पर यकीन करते हुए,
जब लगाकर आग वो कह गई की जलने दो,
में मुस्कुराकर देख रहा था अपने घर को ही जलता हुआ।
अब वो मुझको कुछ इस तरह तड़पा रही हैं,
की में दर्द में हूं और वो मुस्कुरा रही है,
और अब जला दी सब निसानियां उसकी,
पर जलाए कैसे उस तस्वीर को जिसमे वो मुस्कुरा रही हैं।



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