टुटा दिल बिखरे अल्फाज सब सिमट गये अब पन्नों पर।

 Hindi Poetry में आप सभी लोगो का स्वागत है , दोस्तों अगर आपलोगो को Poetry पढ़ना अच्छा लगता है तो आप बिलकुल सही वेबसाइट पर आये है। हमारे वेबसाइट में Hindi me Kabita,Poems of Life in HindiLovers Life Poem in Hindi, Breakup Poems in Hindi  इन सभी Topics के ऊपर हिंदी में कबिताएँ होती है।  हाँ तो दोस्तों आज की ये Poetry में हर उस Loyal सक्स के तरफ से लिखा हूँ, जिसने कभी अपने रिश्तों में Loyalty निभाई और उसके बदले उसे धोखा मिला हो।

*टुटा दिल बिखरे अल्फाज सब सिमट गये अब पन्नों पर:-

टुटा दिल बिखरे अल्फाज सब सिमट गये अब पन्नों पर।


टुटा दिल बिखरे अल्फाज सब सिमट गये उन पन्नों पर।
कुछ इश्क़ लिखा कुछ अस्क लिखें,
सब कुछ था उन कोरे पन्नों पर।
कुछ खफा-खफा सी यादें थी,
कुछ टुटे-फूटे से लम्हें थे,
कुछ पलके मेरी भी भारी थी,
कुछ पन्ने इसके भी भीगे थे।
कुछ झूठी सी सच्ची तेरी कसमें थी,
कुछ इश्क़ फ़रेबी बातें थी,
ऐ खुदा मेरी तू खता बक्छ दे,
क्योंकि मुझको तब वो इतना भांति थी।
वो बेपवाह, वो लापरवाह,
वो तेरा कुछ पल का साथ सही,
और क्या कहा अब दिल हारु और जज्बात भी,
पर तुझमें तो अब ऐसी कोई बात नहीं।
अब मेरे इस दिल ने तेरी उन बेबूनयादी यादो से,
उन रस्मो से उन वादो से बगावत कर ली,
क्योंकि तेरे इश्क़ के नाम पर सताने का हुनर,
ये दिल अच्छे से जनता जानता है,
इसीलिए इस दिल ने अब खुद से ही मोहब्बत कर ली।
हमेशा मेरे दिल में दबा एक सिकवा और शायद कहीं शिकायत है,
की जितनी मोहब्बत मैंने तुझसे की
क्या तू तो उतने की लायक नहीं।
ज़रा रुक अब में नहीं अब आने वाला वक़्त कहेगा,
की गुरुर मुझे कल भी था, अब भी है, और हमेशा ही रहेगा,
की जितनी वफ़ा मैंने तुझसे की शायद ही कोई करेगा।
मैंने तेरी बेवफाई को तेरा मजहब,
और तुझे गुनाह बना कर रखा है,
जिस मासूमियत से तूने ठगा था मुझे ,
तेरे इस हुनर को अब भी मैंने दिल में ही दबा रखा है।
तेरे दिए उन सितमो के जख्म भरने अब भी बाकी है,
थोड़े नहीं बहुत ज्यादा ही बाकी है,
और सुन जा रहा हूँ में तेरी जिंदगी से हमेशा के लिए,
मगर मेरी उन अस्को में लिपटी हुई,
लहू के कतरो का हिसाब अभी भी बाकी है।


Post a Comment

0 Comments