वो बड़े घर की लड़की है में गरीब घर का बेटा हूँ।

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*वो बड़े घर की लड़की है में गरीब घर का बेटा हूँ:-

वो बड़े घर की लड़की है में गरीब घर का बेटा हूँ।


वैसे ही ये दिल बहोत टुटा है,
अब और इसका बुरा हल हाल नहीं करेंगे,
अगर उंगलियाँ मचली तो सीधे काट देंगे,
पर अब तुम्हें Call नही करेंगे।
और मेरी तन्हाई ने मझे जबाब दिया है,
मेरे खाली कमरे ने मुझे हौसला दिया है,
तेरे पास सब तो सब तेरे पास है,
वरना भटकते परिंदे को किसने घोंसला दिया है।
अब किसी से सिकवा और शिकायत नहीं है,
शायद रब की ही हमपर इनायत नहीं है,
अब इसे गुस्ताखी या नादानी समझिये हमारी,
हमें वो पसंद जिसके हम लायक ही नहीं है।
में आग हूँ, वो आफताब है,
में एक बूंद हूँ वो सैलाब है,
में एक जंगली पौधा और वो एक गुलाब है,
में तू तेरे तो वो आप है,
उसका घर आसमानों तक तो मेरी झोपडी भी खराब है।
में उसे पाना चाहता हूँ,
मगर ये भी जानता हूँ वो बस एक प्यारी सी ख्वाब है,
उसकी कुंदन सी हथेलियों पर में कोई अधूरी रेखा हूँ,
और वो बड़े घर की लड़की है में गरीब घर का बेटा हूँ।
वैसे तो में एक छोटा सा टुकड़ा हूँ,
मगर तुम्हें सारा आसमान दे दूँ,
मोहब्ब्बत यूँ की है तुमसे की,
तुम बस इशारा करो और में हंस के अपनी जान दे दूँ।
भले तुमने कदर न की हमारी मगर,
आरजू अब तक न मेरी हारी है,
जो तेरे ख्यालो में कैद है में वो परिंदा हूँ,
बहुत मुश्किल है तुम्हें भुला दूँ,
जब तक में जिंदा हूँ।
मेरी आखरी मोहब्बत बेहत खूबसूरत हो तुम,
लाखों आशिक होंगे तुम्हारे मानता हूँ,
लेकिन सब होंगे तेरे जिस्म के प्यासे ,
तेरी रुह पे मरता जो वो एकलौता आशिक में ही हूँ,
उसी पे है सबकुछ निसार मेरा,
 अपनी दुआ में जिसका नाम लेता हूँ,
और वो बड़े घर की लड़की है में गरीब घर का बेटा हूँ।
मानता हूँ मैंने तुम्हें देखा नहीं है बहुत करीब से,
मगर देखा जरूर है गौर से पर थोड़ी दूर से,
ये बात तुम्हें शायद खुद मालूम न हो,
पर तुम्हारा चेहरा मिलता है श्रद्धा कपूर से।
अजब उसका अंदाज है वो बड़ी खुशमिजाज है,
सारे जहां से रिश्ता है उसका सिर्फ एक हम ही से नाराज है। हाल किसको बताऊँँ जख्म किसको सुनाऊ,
मेरा इश्क़ भी तो उससे एक राज है,
उसी को दिल में दे दी जगह,
जिसे कभी जी भर के न देखा हूँ,
और वो बड़े घर की लड़की है में गरीब घर का बेटा हूँ।


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