अब जब मिलोगी हमसे तो शायद बात कुछ और हो।

 *अब जब मिलोगी हमसे तो शायद बात कुछ और हो:-

अब जब मिलोगी हमसे तो सायद बात कुछ और हो।


अब जब मिलोगी हमसे तो सायद बात कुछ और हो,
मेरे आंखो में हजारों गीले हो तुम्हारे लिए 
मगर दिल मे तब भी सिर्फ प्यार हो,
अब जब मिलोगी हमसे तो सायद बात कुछ और हो।
सोचा आज तुझे भुला दूंगा मगर सच कहूं ना तो,
आंखे बंद करते ही इरादे बदल जाते हैं,
की अपना बनाया और बनाकर छोड़ दिया,
दिल से बना वो रिश्ता एक पल में तोड़ दिया,
मेरी मोहब्बत का तूने ये कैसा सिला दे दिया,
पता है दुनियां कहती थी मुझे की इसकी मोहब्बत में,
एक दिन तू ठोकर जरूर खाएगा,
देखना हर एक दिन तू अपनी आंखो से अपने आंसू बहाएगा,
और एक हम थे जो उसकी मोहब्बत में इतने चूर थे,
की सारी दुनियां में हम उसके नाम से ही मसहूर थे।
लोग आज भी पूछते हैं मुझसे हाल उसकी,
और मैं मुस्कुराकर उसके बारे में हुई हर बात टाल देता हूं,
खुद को उसकी मोहब्बत में फिर खोने से बचा लेता हूं।
अच्छा मेने सुना था मुझसे दूर जाकर आज वो बड़े दिन बाद मुस्कुराई है,
चलो में खुश हूं आखिरकार आज उसकी चेहरे पर वो रौनक तो आई हैं,
और वादे बहोत किए थे उसने पर जहा से वो आई थी न,
वहां पर वादों का कोई मोल न था,
उसकी वादों में शब्द तो थे मगर शयाद जज्बात न थे,
में कैसे बताऊं उसको की मेरा इरादा कभी गलत न था,
में सच कह रहा हूं जनाब आप सब के सामने,
मेरे दिल में उसके सिवा कभी कोई और न थी।
और बेवफा केसे कह दूं मैं उसको,
हां माना है मेरे दिल में उसके लिए लाखों गीले,
मगर मोहब्बत साबित करने के लिए बस इतना ही काफी था,
की वो जब भी मिले गले लगकर मिले,
उसने आंसू दिए मुझे में उसे आज भी दुआ देता हूं,
खुश रहे वो जहां भी रहे अपने खुदा से बस इतना ही कहता हूं।
वो चाहे दूर रहे या पास मेरे मगर,
मेरे दिल में हमेशा रहेगी बनकर मेरा सबसे खास एहसास,
और वो कहती थी मुझे की शायद तुम,
 हमसे सच्चा प्यार नही करते अब आप ही बताइए जनाब,
इससे ज्यादा मोहब्बत हम उससे अब क्या करे,
हमने उसको इतना प्यार दे दिया,
की अपना साथ छोड़ने में भी हमने उसका साथ दे दिया,
और में सच कहूं तो उससे ज्यादा वफादार उसकी यादें हैं,
जिन्होंने अबतक मेरा साथ नही छोड़ा,
और उसे भूल जाना मकसद नहीं है मेरा,
मगर उसके बिना जीने की आदत डालनी हैं अब इस दिल को,
बस यही एक बात हैं मै समझा लूंगा खुद को,
चलो मना लूंगा में इस दिल को।
और सुनो ना अगर में झूठ कहूं न तो सब कुछ है मेरे पास,
मगर अब एक सच कहूं ना तो उसके सिवाए कुछ भी नहीं है मेरे पास।
अपने आप से ज्यादा चाहा था उसको,
सबकुछ छोड़कर अपना माना था उसको,
इतनी आसानी से कैसे भुला दूं सबकुछ,
जब मालूम है मेरी याद आती हैं उसको,
और वो जाते जाते सारे वादें तोड़ गई,
नही मिलेंगे अब कभी बस एक ये बात कह गई।

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