दिल और दिमाग़ के बीच जंग....!

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बारे मैं है आइए देखते हैं दिल और दिमाग में आखिर जीत किसकी होती हैं।

दिल और दिमाग़ के बीच जंग:-

दिल और दिमाग़ के बीच जंग



 आज फिर जिंदगी से मुलाकात हुई,
बैठ के संग उसके यूं ही कुछ बात हुई,
वो बोली कि कुछ भी अंनत नही है यहां,
यहां है हर सुबह की रात हुई,
फिर समझाया जिंदगी ने दिल को,
की तू रोना बंद कर मेरे ये हसीन लम्हे तू खोना बंद कर,
रात हुई है तो जरूर इसकी सुबह होगी,
थोड़ा इंतजार कर कोई और तेरी महबूबा होगी।
अब जिंदगी की इस बात पे मेने जिंदगी का हाथ झटका,
और कह डाली ये बात की,
अगर किसी और के साथ सुबह होनी है तो कभी न बीते ये रात,
अब जिंदगी ने मुझे पास बैठाया,
मेरे कंधे पर हाथ रखकर मुझे समझाया,
की इश्क गली न चल इसमें बसी सिर्फ मौत है,
दिलों से खिलवाड़ करने वाले इस जमाने में बहुत है,
फिर मैंने जिंदगी के कंधे पर हाथ रखा 
और उसे कुछ यूं समझाया,
की अगर रस्ताएं मोहब्बत में नरमाई होती,
तो भगवान ने अपनी जोड़ी राधा संग न बनाई होती,
न हीर-रांझा होते न होते मजनू-लैला,
हर कोई भटकता रहता बेइश्क अकेला,
अब अगर उसने रस है मोहब्बत बनाया ही है,
तो थोड़ा हम भी पी लेते हैं
 चल न ए जिंदगी थोड़ा हम भी जी लेते हैं।
अब जिंदगी थोड़ा मुस्कुराई फिर बतयायी,
 की क्यों तू उसे याद करता है,
जब उसकी यादों में मिला सिर्फ दर्द है,
इस जालिम दुनियां में तू ही तेरा हमदर्द है,
रुक जा अब भी वक्त है तू भी हो सकता लौंडा सक्त है,
देख जरा दुनियां में और भी बेहतरीन है,
माना वो हसीन थी कुछ उससे भी हसीन है।
अब बारी आई मेरे मुस्कुराने की,
 मेरी मोहब्बत के किस्से जिंदगी को सुनने की,
जा बैठा में जिंदगी के सामने आंखो में उसके आंखे रखी,
और कह डाली ये बात,
की तू दर्द है तो वो सुकून थी,
तू जीवन है तो वो जीने का जुनून थी,
तू धूप है तो वो छाव थी,
तू खुदा है तो वो खुद खुदा की एक पांव थी,
तू मस्जिद है तो वो उस मस्जिद की अजान थी,
तू दुःख-सुख है तो वो सिर्फ खुशियों की खान थी,
तू चलती रहती है वो कभी-कभी ठहर जाती थी,
इस आग बरसती गर्मी में वो दे ठंडक की लहर जाती थी,
तू सागर है रुका हुआ वो अनवरत सरिता थी,
में तो सिर्फ कविताएं लिखता हूं वो तो खुद एक कविता थी,
अब देख खुशी मेरी चेहरे की,
जिंदगी की आंखे हो गई नम,
उसने हाथ थामा मेरा और कहा मुझसे की,
सब्र कर लोटेगा तेरा सनम,
खुदा की नजर है तुझमें वो करेगा तुझपे रहम,
तू बस सब्र कर,यकीन रख लोटेगा तेरा सनम,
लोटेगा तेरा सनम।

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